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प्रधानमंत्री के भाषणों पर विशेष पुस्तक ‘सबका साथ सबका विकास’ का अरुण जेटली ने किया लोकार्पण
March 8, 2019 • Admin

रिपोर्ट : अजीत कुमार

 

 

 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चुनिंदा भाषणों पर विशेष पुस्तक ‘सबका साथ सबका विकास’ का लोकार्पण दिल्ली स्थित राष्ट्रीय मीडिया केन्द्र में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा आयोजित एक समारोह में केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों के मंत्री अरुण जेटली ने किया। इस अवसर पर केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ भी उपस्थित थे।

अरुण जेटली ने इस बात पर प्रकाश डाला कि प्रधानमंत्री की राजनीतिक इतिहास, अर्थव्यवस्था, विदेश नीति, रणनीतिक मुद्दों सहित अनगिनत विषयों पर अत्यंत अच्छी पकड़ है। उन्होंने प्रधानमंत्री की सोच में विशिष्ट स्पष्टता होने के साथ-साथ उनमें बड़ी तेजी से सीखने की सहज क्षमता की भूरि-भूरि प्रशंसा की जिससे धाराप्रवाह भाषण देना उनके लिए अत्यंत सरल हो जाता है।

जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भाषणों ने न केवल अपने देश में, बल्कि विश्व भर में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है। उन्होंने महात्मा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी, जगजीवन राम और इंद्रजीत गुप्ता जैसे भारत के हालिया इतिहास के कुछ महान वक्ताओं को भी स्मरण किया, जिनके भाषण देश की स्मृति और चेतना को सदैव झकझोरते रहते हैं।

कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण दरअसल व्यावहारिक समाधानों का संग्रह हैं जो उनकी सरल, सर्वजनोपयोगी एवं जमीन से जुड़ी जीवन शैली से प्रेरित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जिस सरल भाषा में लोगों के साथ अपने विचारों को साझा करते हैं उससे आम जनता के साथ उनका जुड़ाव और ज्यादा बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि अनगिनत विषयों को समाहित करने वाले उनके भाषण सरकार की नीतियों के साथ-साथ देश के सभी कोनों में रहने वाले लोगों तक पहुंचने से जुड़े उनके विशिष्ट समर्पण को भी दर्शाते हैं। उन्होंने इन पांच खंडों को युवा विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, शिक्षाविदों और पत्रकारों के लिए समान रूप से विश्वकोश या इन्साइक्लोपीडिया बताया।

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने महिलाओं द्वारा निभाई गई भूमिका को नमन किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं में सहज रूप से विनम्र होने के साथ-साथ अत्यंत सशक्त होने की अद्वितीय क्षमता भी होती है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में सचिव अमित खरे ने इन पांचों खंडों के संपादन में कंचन गुप्ता द्वारा निभाई गई उल्लेखनीय भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इन खंडों में निहित प्रधानमंत्री के भाषण सकारात्मकता का संदेश देते हैं और देश के लिए उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद जगाते हैं। उन्होंने इन पांचों खंडों को प्रस्तुत करने के लिए डॉ. साधना राउत, महानिदेशक, प्रकाशन प्रभाग और वसुधा गुप्ता, अपर महानिदेशक, प्रकाशन प्रभाग के साथ-साथ प्रकाशन प्रभाग में उनकी टीम द्वारा किए गए अथक प्रयासों की भी सराहना की।

भारत सरकार के अनेक सचिव, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और इस मंत्रालय के अधीनस्थ मीडिया यूनिटों के वरिष्ठ अधिकारीगण भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के प्रकाशन प्रभाग द्वारा इस पुस्‍तक के पांच खंडों को हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी में भी प्रकाशित किया गया है। इनमें से प्रत्येक खंड को पांच उपखंडों में वर्गीकृत किया गया है। इनमें सुशासन;  देश को सक्षम और दक्ष बनाने; हमारे बहादुर जवानों, अन्नदाता किसानों और प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों की सराहना; विकास और आशा के समावेशी पथ पर लोगों को अग्रसर करने और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के साथ उदीयमान भारत के संदेश को साझा करने के बारे में प्रधानमंत्री के विचारों को कवर किया गया है।

इन पुस्तकों में देश के सभी नागरिकों को एकल नजरिए से देखने और सभी को समावेशी विकास के पथ पर अग्रसर करने से जुड़े प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण को दर्शाया गया है। ये पुस्‍तकें प्रकाशन प्रभाग के विक्रय केंद्रों और नई दिल्ली में सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित सूचना भवन की बुक गैलरी में उपलब्ध होंगी। इन्हें भारतकोश ई-पेमेंट गेटवे के माध्यम से ऑनलाइन भी खरीदा जा सकता है। ये पुस्तकें अमेजन और गूगल प्ले पर ई-बुक्स के रूप में भी उपलब्ध होंगी।