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सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ‘सामुदायिक रेडियो के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार’ प्रदान किए
August 28, 2019 • Admin

रिपोर्ट : अजीत कुमार

 

 

केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने दिल्ली स्थित डॉ. बी.आर. अम्बेडकर भवन में आयोजित एक समारोह में वर्ष 2018 और 2019 के लिए 'सामुदायिक रेडियो के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार' प्रदान किए। इस समारोह का आयोजन 7वें सामुदायिक रेडियो सम्मेलन के अंतर्गत किया गया है। उन्होंने नई सरकार के पहले 75 दिनों के महत्वपूर्ण निर्णयों पर आधारित पुस्तिका 'जन कनेक्टः स्‍पष्‍ट नीयत, निर्णायक कदम' जारी की। यह पुस्तिका सूचना व प्रसारण मंत्रालय के आउटरीच एवं संचार ब्यूरो द्वारा तैयार की गई है।

2018 और 2019 के लिए निम्न श्रेणियों में पुरस्कार दिए गएः विषय आधारित, सामुदायिक अनुबंध, स्थानीय संस्कृति को प्रोत्साहन, सर्वाधिक रचनात्मक/नवाचार तथा निरंतरता। सभी विजेताओं के बारे में विस्तृत ब्यौरा नीचे संलग्न है।

प्रकाश जावड़ेकर ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और देश के सभी हिस्सों में सामुदायिक रेडियो स्टेशन के प्रतिनिधियो के रूप में उनके द्वारा निभाई गई भूमिक की सराहना की। वर्तमान में सामुदायिक रेडियो स्टेशनों की संख्या 262 है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य इसे बढ़ाकर 500 स्टेशन करना है। इससे देश में सामुदायिक रेडियो के अभियान को मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि रेडियो संचार का सबसे शक्तिशाली और विश्वसनीय माध्यम है।

जावड़ेकर ने 'मन की बात' कार्यक्रम की सफलता के बारे में कहा कि यह अब 'देश की बात' के साथ-साथ प्रत्येक व्यक्ति के 'दिल की बात'बन गया है। उन्होंने सम्मेलन के प्रतिभागियों से आग्रह किया कि उन्हें अपने अनुभव साझा करने चाहिए और सामग्री तथा कार्यक्रमों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देने चाहिए। उन्होंने प्रतिभागियों से अनुरोध किया कि वे अपने सुझाव के बारे में मुझे पत्र लिखें। इस अवसर पर पूरे देश के सामुदायिक रेडियो स्टेशनों पर चलने वाले सभी कार्यक्रमों की सूची भी जारी की गई।

जावड़ेकर ने कहा कि पुस्तिका 'जन कनेक्‍ट : स्‍पष्‍ट नीयत, निर्णायक कदम' में सरकार के दूसरे कार्यकाल के प्रथम 75 दिनों में लिए गए ऐतिहासिक फैसलों का उल्‍लेख किया गया है। उन्‍होंने कहा कि अनुच्‍छेद 370 को हटाने का निर्णय शिक्षा का अधिकार, आरक्षण संबंधी लाभ इत्‍यादि से जुड़े विभिन्‍न कानूनों को लागू कर स्‍थानीय लोगों का जीवन स्‍तर बेहतर करने के उद्देश्‍य से लिया गया। उन्‍होंने कहा कि जहां एक ओर भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था वर्ष 2014 से वर्ष 2019 के बीच 11वें पायदान से ऊपर चढ़कर 5वें पायदान पर पहुंच गई, वहीं दूसरी ओर भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनाने के लक्ष्‍य से भारत को और ऊपर चढ़कर तीसरे पायदान पर पहुंचने में मदद मिलेगी।

उन्‍होंने काफी तेजी से विधेयकों को पारित किए जाने का भी उल्‍लेख करते हुए कहा कि राज्‍य सभा को एक समय 'स्‍पीड ब्रेकर' माना जाता था, जबकि अब वह विधेयकों को पारित करने के मामले में 'हाईवे' बन गई है। जावड़ेकर ने बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के विकास पर खर्च में व्‍यापक वृद्धि, तीन तलाक जैसे महत्‍वपूर्ण फैसलों, किसानों को वित्तीय सहायता, असंगठित क्षेत्र के कामगारों एवं कारोबारियों के लिए पेंशन इत्‍यादि पर भी प्रकाश डालते हुए कहा कि सभी निर्णय अंतिम लाभार्थियों और लोगों को ध्‍यान में रखते हुए लिए गए हैं।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में सचिव अमित खरे ने सामुदायिक रेडियो की सामग्री (कंटेंट) से सतत विकास लक्ष्यों को जोड़ने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्‍होंने यह भी कहा कि सामुदायिक रेडियो राष्‍ट्रीय विचार प्रक्रिया और स्‍थानीय मुद्दों एवं चुनौतियों के बीच एक महत्‍वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में संयुक्‍त सचिव टी.सी.ए. कल्‍याणी के धन्‍यवाद ज्ञापन के साथ समारोह का समापन हुआ। मंत्रालय के साथ-साथ इसके अधीनस्‍थ मीडिया यूनिटों के अनेक वरिष्‍ठ अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।