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आईएफएफआई संवाददाता सम्‍मेलन में ‘ हाउ इज़ द जोश’ क्षण
November 24, 2019 • Admin

 

 

 

हिन्‍दी सिने प्रेमियों के मन में हाउ इज़ द जोश एक वायरल स्‍लोगन है। उरी : द सर्जिकल स्‍ट्राइक फिल्‍म का यह संवाद लोग अभी भी दोहराते हैं। फिल्‍म निर्देशक आदित्‍य धर जब मीडिया से बात करने संवाददाता सम्‍मेलन में पहुंचे तो पत्रकारों और प्रतिनिधियों के लिए यह हाउ इज़ द जोश क्षण सिद्ध हुआ। राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार प्राप्‍त मराठी फिल्‍म 'भोंगा' के निर्देशक शिवाजी लोटन पाटिल भी संवाददाता सम्‍मेलन में शामिल हुए।

फिल्‍म से जुड़ी घटनाओं का जिक्र करते हुए आदित्‍य धर ने कहा कि फिल्‍म उद्योग को जीवित रखने में दृढ़ता के एक स्‍तर की आवश्‍यकता है। मैं एक फिल्‍म पर काम कर रहा था जब उरी की घटना हुई। पाकिस्‍तानी अभिनेताओं को देश छोड़ने को कहा गया। मेरे लिए यह समस्‍या एक अवसर में बदल गई। मुझे एक अच्‍छी कहानी मिल गई। यह फिल्‍म भारतीय सेना और उनके परिजनों के लिए एक श्रद्धांजलि है।

'हाउ इज़ द जोश' लोकप्रिय लोकप्रिय संवाद के बारे में धर ने कहा कि यह पटकथा का हिस्‍सा था लेकिन विक्‍की कौशल प्रारंभ में इस संवाद के प्रति बहुत आश्‍वस्‍त नहीं थे। मैंने उन्‍हें समझाया कि सिपाहियों को इसी तरीके से प्रेरित किया जाता है। जिस क्षण विक्‍की कौशल ने यह संवाद दोहराया तो सेट पर उपस्थित सभी लोग आश्‍चर्यचकित रह गए। 

उरी पर प्रचार फिल्‍म होने के आरोप के बारे में निर्देशक ने कहा कि उन्‍होंने वास्‍तविकता को दिखाने का प्रयास किया है। वास्‍तविक घटनाओं को कालक्रम के अनुसार दिखाया गया है। ऐसा करने में सरकार और तकनीकी टीमों के योगदान को इंकार नहीं किया जा सकता। यदि समाज का एक वर्ग इसे प्रचार मांगता है तो इसके लिए मै कुछ नहीं कर सकता। उन्‍होंने अपनी आने वाली फिल्‍म अश्‍वस्‍थामा फिल्‍म के बारे में बताया कि यह एक सुपरहीरो वाली फिल्‍म होगी। मुख्‍य किरदार विक्‍की कौशल निभाएंगे। फिल्‍म की शूटिंग अगले वर्ष शुरू होगी।

प्रख्‍यात मराठी निर्देशक शिवाजी लोटन पाटिल ने कहा कि उनकी फिल्‍म ध्‍वनि प्रदूषण पर आधारित है। फिल्‍म में ध्‍वनि प्रदूषण के वातावरण विशेषकर बच्‍चों पर कुप्रभाव को दिखाया गया है। लोग ध्‍वनि प्रदूषण से प्रभावित हो रहे हैं। यह एक संवेदनशील विषय है। इस विषय पर लिखने और इस पर फिल्‍म बनाने के लिए हमें संवेदनशील होना चाहिए।

क्षेत्रीय फिल्‍म निर्माताओं की कठिनाइयों के बारे में पाटिल ने कहा कि क्षेत्रीय सिनेमा का अपना जोखिम है। फिल्‍म बनाना एक कठिन कार्य है। मराठी फिल्‍म उद्योग की विषय सामग्री अच्‍छी है लेकिन कोई भी व्‍यक्ति इसमें पैसा लगाना नहीं चाहता। यदि आपका प्रचार-प्रसार अच्‍छा नहीं होता है तो कोई भी सिनेमाघर आपकी फिल्‍म को प्रदर्शित करना नहीं चाहता। इसलिए हम कम खर्च पर अच्‍छी फिल्‍में बनाना चाहते हैं। कार्यक्रम में 'भोंगा' फिल्‍म के निर्माता अरूण हीरामन महाजन और अभिनेता श्रीपाद जोशी व कपिल कांबली ने भी भाग लिया।