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भारत बैंकिंग सुधारों का कि मशाल बनकर उभरेगा : डॉ. जितेंद्र सिंह
November 12, 2019 • Admin

रिपोर्ट : अजीत कुमार

 

 

पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री  डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भारत दुनिया में बैंकिंग सुधारों का मशाल बनकर उभरेगा, हमारा लक्ष्य वैश्विक महाशक्ति बनना है। दिल्‍ली में दो दिवसीय भारत बैंकिंग सम्‍मेलन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने पिछले पांच वर्षों से अधिक समय के दौरान बैंकिंग क्षेत्र की क्षमता की विशाल संभावना को उजागर किया है। उन्होंने कहा कि यह 5 खरब डॉलर अर्थव्यवस्था प्राप्त करने की दिशा में भारत की यात्रा की शुरुआत है ।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि बेहतर संचार, डिजिटलाइजेशन और संपर्कता के अलावा 'मेक इन इंडिया' और  'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर सरकार का जोर मुख्य रूप से 'ईज ऑफ बैंकिंग' पर निर्भर है। 

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जनधन योजना ने देश में बैंकिंग परिदृश्य को बदल दिया है। उन्होंने बताया कि हर परिवार के लिए जीरो बैलेंस खाता योजना से,  इस योजना के तहत जमा राशि अब हजारों करोड़ हो गई है। उन्होंने कहा कि इसससे यह साबित होता है कि जनधन योजना न केवल आर्थिक सशक्तीकरण के लिए है, बल्कि यह गरीबों के लिए आत्म-सम्मान का विषय बन चुका है क्योंकि वे भारत की अर्थव्यवस्था में योगदान करते हैं।  

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुद्रा योजना, स्टैंड अप इंडिया-स्टार्टअप इंडिया योजना, पीएम-किसान सम्मान निधि योजना, एनजी-नरेगा एवं डीबीटी की जियोटैगिंग जैसी अभिनव योजनाओं ने चोरी रोकी है और इससे गरीबी उन्मूलन की दिशा में मदद मिली है। उन्‍होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर न्यूनतम पेंशन को बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया गया है।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में लोगों के पलायन को रोकने के लिए पहली बार प्रारंभिक बीज पूंजी वित्तपोषण वेंचर फंड पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी का ही दृष्टिकोण है कि लगभग सदी पुराने भारतीय वन अधिनियम, 1927 को इसके दायरे से बांस को मुक्त करने और इसके वाणिज्यिक दोहन को बढ़ावा देने के लिए संशेाधित किया गया, जिससे पूर्वोत्‍तर क्षेत्रों में नौकरियों और उद्योगों का सृजन होगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि 2014 में  सरकार की बागडोर संभालने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह गरीबों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं। डॉ. जितेंद्र सिंह ने 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी के ट्वीट को उद्धृत करते हुए कहा कि यह निराशावाद से आशावाद तक की यात्रा की शुरुआत है।