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धर्मेंद्र प्रधान ने तेल एवं गैस इंडस्ट्री के प्रमुखों से युवा पेशेवरों के इनोवेशन का समर्थन करने का आग्रह किया
December 2, 2019 • Admin

रिपोर्ट : अजीत कुमार

 

 

केंद्रीय पेंट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और इस्पात मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गत शाम दिल्ली में एफआईपीआई (भारतीय पेट्रोलियम उद्योग संघ) के वार्षिक सम्मेलन एवं पुरस्कार समारोह को संबोधित किया। इनोवेशन यानी नवाचार पर बात करते हुए प्रधान ने कहा, 'तकनीक एवं इनोवेशन आज की जरूरत हैं। मेरा दृढ़ मत है कि युवा इनोवेशन को आगे ले जा सकते हैं। इंडस्ट्री को इनोवेशन को आगे बढ़ाने और नए बिजनेस मॉडल तैयार करने के लिए युवा कर्मचारियों को मदद देने वाला ढांचा तैयार करने पर काम करना चाहिए।'

प्रधान ने तीन वर्ष पूरे करने के लिए एफआईपीआई की प्रशंसा की और पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। इस अवसर पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत एक ऐसा समाज है जिसकी अपनी आकांक्षाएं हैं। यहां एक बड़ा बाजार और आकांक्षा रखने वाली जनता है। भारत वैश्विक विकास का केंद्र बनने जा रहा है।

सरकार के सुधार के प्रयासों के बारे में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री प्रधान ने कहा, 'सरकार निरंतर सुधार के प्रतिमान स्थापित करने पर काम कर रही है। हाल ही में कार्पोरेट कर में कटौती, विश्व बैंक की कारोबारी सुगमता रैंकिंग में भारत की बड़ी उछाल इसे दर्शाते हैं।

भारत की ऊर्जी जरूरतों पर बात करते हुए प्रधान ने कहा, 'ऊर्जा को लेकर भारत की जरूरतें बढ़ती जा रही हैं। मैं इंडस्ट्री से अपील करता हूं कि वह स्थायी रूप से ऊर्जा वितरण के नए तरीकों पर काम करे।'

सामाजिक बदलाव के लिए ऊर्जा पर बात करते हुए उन्होंने कहा, 'ऊर्जा क्षेत्र में लोगों का जीवन सुधारने की संभावना है। हमें ऊर्जा को ज्यादा किफायती और सुलभ बनाने पर काम करना चाहिए। ऊर्जा क्षेत्र को सामाजिक परिवर्तन के उत्प्रेरक के रूप में कार्य करना चाहिए।'

तकनीक की भूमिका पर बात करते हुए प्रधान ने कहा, 'हमें व्यापार और शासन के नए मॉडल तैयार करने के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाना चाहिए। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के रूप में हमने डिजिटल गवर्नेंस में दुनिया में सबसे बड़ा मॉडल बनाया है।'

भारतीय पेट्रोलियम उद्योग संघ (एफआईपीआई) हाइड्रोकार्बन क्षेत्र की इकाइयों की एक सर्वोच्च सोसाइटी है। यह सरकार और नियामक प्राधिकारों के साथ एक इंडस्ट्री इंटरफेस के रूप में कार्य करती है। इस कार्यक्रम में तेल एवं गैस इंडस्ट्री के प्रमुखों एंव पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।