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केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री की इटली की कृषि मंत्री टेरेसा बेलनवा के साथ हुई द्विपक्षीय बैठक
November 12, 2019 • Admin

 

 

 

द्विपक्षीय बैठक के दौरान माननीय केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने बताया कि भारत सरकार ने उत्‍पादन और उत्‍पादकता की बजाय किसानों कल्‍याण पर ध्‍यान केंद्रित किया है। देश के समस्‍त कामगारों का एक तिहाई हिस्‍सा कृषि क्षेत्र पर निर्भर करता है इसके मद्देनजर सरकार ने 2022 तक किसानेां की आमदनी दुगुनी करने का संकल्‍प लिया है, इसकी पूर्ति हेतु 7 सूत्रीय कार्य नीति अपनाई गयी है, जिसमें फसल उत्‍पादकता में सुधार, पशु धन उत्‍पादकता में सुधार, संसाधनों का कौशलपूर्ण उपयोग, फसलन सघनता में वृद्धि, अधिक कीमतों वाली फसलों की ओर उन्‍मुखता, किसानों और गैर कृषि व्‍यवसायियों को बेहतर लाभ पहुंचाना शामिल हैं।

तोमर ने इटली के बाजार में पहुंच प्राप्‍त करने के सम्बन्ध में शीघ्र अपेक्षित कार्रवाई का आग्रह करते हुए सूचित किया कि टमाटर आलू और केले से संबंधित तकनीकी सूचना 14 नवम्बर, 2018 को इटली के दूतावास में भेज दी गई है।

तोमर ने कहा कि भारत और इटली कृषि मशीनों के क्षेत्र में परस्‍पर आधार पर सहयोग कर रहे हैं। इटली आधुनिक कृषि मशीनों के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है। भारत भी इटली से सीख सकता है कि छोटे किसानेां के लिए कृषि मशीनें किस प्रकार बनाई जाएं।

इस अवसर पर माननीय कृषि मंत्री ने पेशकश की कि इटली यूरोपीय संघ का एक महत्‍वपूर्ण सदस्‍य होने के नाते यूरोपीय खाद्य सुरक्षा अभिकरण (ईएफएसए) के साथ बासमती चावल से जुड़े ट्राईसाईक्‍लाजोल मामले को रख सकता है, जिससे एमआरएल से संबंधित मामले को शीघ्रता से निपटाया जा सके जिसके फलस्‍वरूप भारत द्वारा यूरोपीय संघ को किए जाने वाले निर्यात में तेजी आ सके।

तोमर ने बताया कि 06 दिसम्बर,2017 को नई दिल्‍ली में कृषि और पादप स्‍वच्‍छता संबंधी मामलों में सहयोग के लिए भारत और इटली के बीच एक नए समझौते ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर किए गए थे, जिसके तहत इस क्षेत्र में दोनों देशों के बीच और बेहतर मार्ग प्रशस्‍त हो रहा है।

गौरतलब है कि इटली विश्‍व के अन्‍य देशों से कृषि जिंसों नामत: ताजे अथवा चिल्‍ड आलुओं, ताजे अथवा शुष्‍क केलों, ताजी इमलियों, मक्‍का, सोयाबीन और विनिर्मित तंबाकू का आयात करता है। इसके तोमर ने इटली की कृषि मंत्री से आग्रह किया कि भारत के पास भी इन सभी जिंसों को निर्यात करने की क्षमता मौजूद है। ऐसे में भारत से इन जिंसों का आयात करने संबंधी संभावना पर विचार करें।