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कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण द्वारा कृषि निर्यात के लिए पहला जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
February 4, 2020 • Admin • INDIA

 

 

 

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीईडीए) ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उद्योग निदेशालय के साथ पोर्टब्लेयर में 31 जनवरी को कृषि निर्यात नीति के कार्यान्वयन तथा कृषि उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजन किया।

एपीईडीए ने राज्य कृषि निर्यात कार्य योजना का मसौदा तैयार करने में सहायता की थी, जिसे अब अंतिम रूप दिया जा रहा है। कृषि निर्यात नीति को विशेष रूप से लागू करने के लिए केंद्रशासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह ने कृषि विभाग को राज्य नोडल एजेंसी के रूप में नामित किया है। कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

पिछले सप्ताह पोर्ट ब्लेयर में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था, जिसमें संबंधित सरकारी एजेंसियां ​​और अन्य राज्यों के कुछ निर्यातक शामिल हुए थे। कार्यशाला में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की उद्योग सचिव डॉ. पूजा जोशी, एपीईडीए के वरिष्ठ अधिकारी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उद्योग निदेशक, नाबार्ड, केंद्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान और स्पाइसेस बोर्ड भारत के प्रतिनिधि भी शामिल थे। कार्यशाला में शामिल होने वाले संगठनों ने अपनी गतिविधियों पर विस्तार से प्रस्तुतिकरण दिया।

एपीईडीए द्वारा दिए गए प्रस्तुतिकरण में द्वीप समूह से निर्यात की संभावनाओं, निर्यात आवश्यकताओं, वित्तीय सहायता योजनाओं और कृषि निर्यात नीति के कार्यान्वयन के लिए की जाने वाली गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया गया।

चेन्नई और झारखंड के निर्यातकों ने फलों, सब्जियों और सूखे फूलों जैसे क्षेत्र से उत्पादों की निर्यात आवश्यकताओं पर चर्चा की गई। निर्यातकों ने अपने अनुभव साझा किए और प्रतिभागियों को आश्वासन दिया कि निर्यात के लिए संपर्क प्रदान किया जाएगा। मसालों, नारियल उत्पादों और मत्स्य पालन की निर्यात संभावनाओं पर भी चर्चा की गई।

अंडमान और निकोबार द्वीपों को दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के लिए समुद्री मार्ग पर होने का फायदा है और ये सीधे द्वीपों से कृषि उत्पादों को इन देशों में निर्यात कर सकते हैं। जागरूकता कार्यक्रम में स्थानीय प्रशासन द्वारा बताया गया कि द्वीपों से सीधे निर्यात को बढ़ावा देने के लिए द्वीपों में ट्रांस-शिपमेंट बंदरगाहों को स्थापित करने की योजना तैयार की गई है।