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पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चक्रवात बुलबुल के बाद चलाए जा रहे राहत और पुनर्वास कार्यों की तीसरी बार समीक्षा
November 11, 2019 • Admin

 

 

 

राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चक्रवात बुलबुल के बाद चलाए जा रहे राहत और पुनर्वास कार्यों की तीसरी बार समीक्षा की। एनसीएमसी की समीक्षा बैठक दिल्‍ली में कैबिनेट सचिवालय में हुई।

बुलबुल चक्रवात के कारण पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भारी तबाही हुई है। पश्चिम बंगाल में सात लोग मारे गए हैं। करीब एक लाख मकानों और खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है।  बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई है और टेलीफोन सेवाएं भी जल्‍द ही बहाल हो जाने की उम्‍मीद है। हालांकि ओडिशा में किसी के मारे जाने की कोई खबर नहीं है, लेकिन वहां दो लाख एकड़ से ज्‍यादा क्षेत्र में खड़ी फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। राज्‍यों में कुछ इलाकों को छोड़कर और सभी जगह बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल कर दी गई है।बचे हुए इलाकों में भी कल शाम तक बिजली पानी की आपूर्ति शुरू हो जाने की संभावना

एनसीएमसी ने खाद्य पदार्थों के अतिरिक्‍त स्‍टाक, पेयजल और स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ दूरसंचार और बिजली आपूर्ति की बहाली के संदर्भ में केन्‍द्र की तरफ से दोनों राज्‍यों को हर संभव केंद्रीय सहायता का आश्वासन दिया है।  केंद्रीय टीमें नुकसान का जायजा लेने के लिए इस सप्ताह दोनों राज्यों में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगी।

दोनों राज्यों ने इस बात का संकेत दिया कि वे चक्रवात से हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं जिसके बाद वे जरुरत पड़ने पर केन्‍द्र से विशेष सहायता मांग सकते हैं। भारतीय राष्‍ट्रीय मौसम विभाग द्वारा दोनों राज्‍यों को चक्रवात के बारे में नियमित आधार पर समय रहते पूर्व चेतावनी जारी की जाती रही थी। राष्‍ट्रीय आपदा मोचन बल -एनडीआरएफ, तटरक्षक बल सहित सभी संबद्ध ऐजेंसियां पूरी तरह से बचाव और राहत कार्यों में लगी हुयी हैं।

एनसीएमसी की आज की बैठक में गृह, रक्षा, बिजली, दूरसंचार, कृषि और सहकारी, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग तथा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ एनडीआरएफ और एनडीएमए के लोग भी शामिल हुए। बैठक में पश्चिम बंगाल और ओडिशा के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भाग लिया।