ALL TOP NEWS INDIA STATE POLITICAL CRIME NEWS ENTERTAINMENT SPORTS CONTACT US
राजनाथ सिंह ने कहा कि अमेरिका-भारत के बीच रक्षा संबंध परंपरागत क्रेता-विक्रेता से बदलकर सहयोगपूर्ण रिश्ते बन रहे हैं जो देश के लिए सबसे बड़े हो सकते हैं
February 6, 2020 • Admin • INDIA

 

 

 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारत और अमेरिका के बीच संबंधों को परंपरागत क्रेता-विक्रेता से बदलकर सहयोगपूर्ण दिशा में आगे ले जाने के लिए भारत में उपलब्ध रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में लगातार बढ़ते अवसरों के साथ अमेरिकी रक्षा क्षेत्र की निर्यात क्षमता को समकालिक बनाने की मांग की।

लखनऊ में चल रहे डेफएक्सपो 2020 के दौरान आयोजित सेमिनार में राजनाथ सिंह ने यह बात कही। इसका आयोजन अमेरिका-भारत बिजनेस काउंसिल (यूएसआईबीआईसी) ने किया।

अमेरिका की अपनी हाल की यात्रा के दौरान 2+2 संवाद में हस्ताक्षरित अनेक महत्वपूर्ण समझौतों का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि "भारत-अमेरिका संबंध परंपरागत 'क्रेता-विक्रेता' से सहयोगपूर्ण दृष्टिकोण की दिशा में आगे बढ़ेंगे। मुझे विश्वास है कि यह रिश्ता भविष्य में अधिक गतिशील और जीवंत होगा।”

उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत और दुनिया के लिए सबसे बड़े रक्षा निर्यातकों में से एक है साथ ही भारत में रक्षा विनिर्माण क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में, हमारा सहयोग इस सदी का सबसे बड़ा सहयोग साबित हो सकता है।

उद्योग को यह आश्वासन देते हुए कि जो सुधार कर लिए गए हैं वह जारी रहेंगे, उन्होंने व्यापारिक समुदाय से आग्रह किया कि वे उनका अधिकतम लाभ उठाएं और भारत में निवेश करें। उन्होंने यूएसआईबीसी द्वारा दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को बेहतर बनाने में निभाई गई भूमिका की सराहना की।

बाद में, रक्षा मंत्री ने उत्तर प्रदेश राज्य के पैवेलियन का दौरा किया। डेफएक्सपो के आयोजन में राज्य सरकार द्वारा इतने बड़े पैमाने पर दिए गए समर्थन की सराहना करते हुए, उन्होंने उम्मीद जताई कि उत्तर प्रदेश में रक्षा गलियारे की स्थापना से राज्य में निवेश के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री का भारतीय अर्थव्यवस्था को 5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने के लक्ष्य के लिए एक केन्द्रित दृष्टिकोण आवश्यक है और देश का सबसे बड़ा राज्य होने के नाते आर्थिक योगदान के मामले में उत्तर प्रदेश की एक बड़ी भूमिका है।